US-Iran अपडेट के बाद 10% तक टूटे क्रूड के भाव, ऑयल-एविएशन सेक्टर के शेयरों पर भी दिखा असर; 7% तक की आई रैली
US-Iran Deal and Crude Falls: पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव अब कुछ कम होता नजर आ रहा है, और इसका सीधा असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखने लगा है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और संभावित समझौते की उम्मीदों ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को झटका दिया है। दोनों देशों के बीच एक फ्रेमवर्क डील की दिशा में प्रगति दिख रही है, जिससे सप्लाई डिसरप्शन का खतरा कम हो सकता है। इस समझौते की खबरों ने कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ला दी है, जिससे ऑयल और एविएशन जैसे सेक्टरों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
10 फीसदी तक टूटे क्रूड
दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। इस पॉजिटिव संकेत का असर तुरंत ग्लोबल ऑयल मार्केट (Crude Oil Price Falls) पर पड़ा, जहां ब्रेंट और WTI क्रूड के दाम में 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट के बाद WTI 91.38 पर ट्रेड कर रहा वहीं, Brent Crude 99.67 पर आ गया। हाल के हफ्तों में जहां जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं, वहीं अब संभावित डील की उम्मीदों ने बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया है।
एविएशन सेक्टर के शेयर उछले
इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा उन सेक्टरों को मिला है, जिनकी लागत सीधे तौर पर कच्चे तेल से जुड़ी होती है। एविएशन सेक्टर में खासा उत्साह देखा गया। InterGlobe Aviation के शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हो गए। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) सस्ता होता है, जो एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। इससे इतर, स्पाइसजेट के शेयर आज शुरू से ही अपर सर्किट में ट्रेड करते रहे।
ऑयल सेक्टर के शेयर भी उछले
इसी तरह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में भी तेज खरीदारी देखने को मिली। Hindustan Petroleum Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Indian Oil Corporation के शेयर 4 से 7 फीसदी तक उछले। क्रूड की कीमतें गिरने से इन कंपनियों के मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद बढ़ जाती है, खासकर तब जब रिटेल फ्यूल कीमतों में तुरंत कटौती नहीं की जाती।
पेंट और टायर स्टॉक्स में भी रैली
पेंट सेक्टर भी इस रैली में पीछे नहीं रहा। Asian Paints, Berger Paints और Kansai Nerolac Paints के शेयरों में मजबूती देखी गई। इन कंपनियों के लिए कच्चे तेल से जुड़े रॉ मटेरियल की कीमतें कम होना सीधे तौर पर लागत घटाने में मदद करता है। इन सभी के साथ-साथ टायर कंपनियों जैसे Apollo Tyres, CEAT Limited और JK Tyre में भी 2-3 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। सिंथेटिक रबर जैसे इनपुट्स सस्ते होने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ती है।
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शेयर बाजार में आई रैली
ग्लोबल स्तर पर देखें तो होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के बड़े हिस्से के तेल सप्लाई का अहम मार्ग है, वहां हालिया तनाव के चलते सप्लाई बाधित रही थी। इसी वजह से तेल की कीमतों में उछाल आया था और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। लेकिन अब अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है, तो सप्लाई सामान्य होने और कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। इस सकारात्मक माहौल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखा। सेंसेक्स करीब 970 अंकों की तेजी के साथ 77,900 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर ट्रेड करता नजर आया। बाजार में यह तेजी बताती है कि निवेशक अब ग्लोबल जोखिम कम होने को सकारात्मक संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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