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VIDEO: मां की सलामती के लिए मांगी थी भोलेनाथ से मन्नत! अब 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रोज दौड़ रहा बिहार का लाल, लोग बोले- ‘कलयुग का श्रवण कुमार’
VIDEO: मां की सलामती के लिए मांगी थी भोलेनाथ से मन्नत! अब 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रोज दौड़ रहा बिहार का लाल, लोग बोले- ‘कलयुग का श्रवण कुमार’

VIDEO: मां की सलामती के लिए मांगी थी भोलेनाथ से मन्नत! अब 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए रोज दौड़ रहा बिहार का लाल, लोग बोले- ‘कलयुग का श्रवण कुमार’

Bihar viral video: बिहार के अररिया जिले के 19 वर्षीय मोनू मेटुरबाला की कहानी सिर्फ एक धार्मिक यात्रा की नहीं, बल्कि मां के प्रति प्रेम, आस्था और अपने वचन को निभाने के जज्बे की कहानी है। जब उनकी मां गंभीर रूप से बीमार थीं, तब मोनू ने भगवान शिव से उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। इसी दौरान उन्होंने संकल्प लिया कि अगर उनकी मां ठीक हो गईं, तो वह देशभर में स्थित भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए दौड़ते हुए यात्रा करेंगे। मां की सेहत में सुधार होने के बाद मोनू अपने इसी संकल्प को पूरा करने निकल पड़े।

हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मोनू अब तक करीब 8,000 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। वह 12 में से पांच ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। उनकी इस यात्रा ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।

मां की बीमारी ने बदल दी जिंदगी, महादेव से कर लिया था वादा

The Times of India के मुताबिक, मोनू मेटुरबाला की मां जब गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं, तो परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। मां की तबीयत को लेकर चिंता के बीच मोनू ने भगवान शिव से प्रार्थना की और उनके स्वस्थ होने की मन्नत मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि अगर मां की सेहत में सुधार हो जाता है, तो वह देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने जाएंगे।

मां की हालत में सुधार होने के बाद मोनू ने अपने संकल्प को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने तय किया कि वह केवल ट्रेन, बस या किसी दूसरे वाहन से यात्रा नहीं करेंगे। बल्कि दौड़ते हुए ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचेंगे। इस तरह उनके लिए यह यात्रा केवल मंदिरों के दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि मां की सलामती के लिए की गई प्रार्थना के प्रति आभार जताने का माध्यम भी बन गई।

15 मार्च 2026 को शुरू की यात्रा, हर दिन दौड़ते हैं करीब 50 KM

मोनू ने 15 मार्च 2026 को अपनी इस अनोखी यात्रा की शुरुआत की थी। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, वह प्रतिदिन करीब 50 किलोमीटर दौड़ते हैं। लंबी दूरी तय करना, अलग-अलग इलाकों से गुजरना और लगातार यात्रा जारी रखना अपने आप में बड़ी शारीरिक चुनौती है। इस यात्रा में उन्हें मौसम, थकान और सड़क पर लंबे समय तक दौड़ने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद उनका लक्ष्य सभी 12 ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचना है। अब तक की रिपोर्टों के अनुसार, वह करीब 8,000 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं।

पांच ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, सात मंदिरों तक पहुंचना बाकी

रिपोर्टों के मुताबिक, मोनू अब तक 12 में से पांच ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। उनके सफर की शुरुआत में झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम का भी उल्लेख मिलता है। उनकी यात्रा महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग मंदिरों तक भी पहुंची है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं।

इनमें सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, बैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर शामिल हैं। इन सभी मंदिरों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मोनू के अब तक दर्शन किए गए पांचों ज्योतिर्लिंगों की पूरी और प्रमाणित सूची उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। इसलिए किन सात मंदिरों के दर्शन अभी बाकी हैं, इसकी निश्चित सूची बताना फिलहाल संभव नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी, लोगों ने बताया ‘कलयुग का श्रवण कुमार’

मोनू अपनी यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @monu_betaurabala पर शेयर करते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी यात्रा की चर्चा बढ़ने के साथ ही कई लोग उनके संकल्प और मां के प्रति समर्पण की सराहना कर रहे हैं। कुछ लोग उनकी तुलना ‘श्रवण कुमार’ से भी कर रहे हैं। लोग उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार बता रहे हैं। भारतीय परंपरा में श्रवण कुमार को माता-पिता की सेवा और भक्ति के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। मोनू की कहानी में भी लोगों को माता-पिता के प्रति प्रेम और अपने वचन को निभाने का भाव दिखाई देता है।

मोनू की कहानी में छिपा है मां के प्रति प्रेम का संदेश

आज के दौर में मोनू मेटुरबाला की कहानी लोगों का ध्यान इसलिए खींच रही है, क्योंकि इसकी शुरुआत किसी प्रसिद्धि या उपलब्धि की चाह से नहीं। बल्कि मां की बीमारी के दौरान की गई एक प्रार्थना से हुई। जब परिवार का कोई सदस्य गंभीर रूप से बीमार होता है, तो उसके अपने लोग हर संभव उम्मीद से जुड़े रहते हैं। मोनू ने इसी मुश्किल घड़ी में भगवान शिव से मन्नत मांगी थी। मां की सेहत में सुधार के बाद उस भोलेनाथ से किए अपने संकल्प को पूरा करने के लिए निकल पड़े। आज वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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