‘आरोपियों ने ड्रग्स लिए, हत्या के बाद नहाए और खाना खाए’; बांग्लादेश में हिंदू परिवार के साथ बर्बरता की हदें पार
Bangladesh Hindu Family Murder: बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर घर की छत पर बैठकर ड्रग्स का सेवन किया था। परिवार के मुखिया ने उन्हें नशा करने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद परिवार के तीन अन्य सदस्यों को भी मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में दो चचेरे भाइयों सिद्धार्थ दास और मुग्धा दास को हिरासत में लिया है। दोनों मृतक परिवार के घर के पास ही रहते थे। बंग्लादेश पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने हत्या के बाद घर को अस्त-व्यस्त कर दिया, ताकि घटना को लूटपाट के दौरान हुई हत्या का रूप दिया जा सके।
गला घोंटकर हत्या की आशंका
पुलिस ने रंगपुर जिला स्कूल के टीचर गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), उनकी बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि (23) और उनके बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के शव बरामद किए। खबरों के अनुसार, गणपति और प्रियम के गले में रस्सी या स्कार्फ बंधे हुए मिले। इससे आशंका जताई जा रही है कि उनका गला घोंटकर हत्या की गई होगी।
पुलिस ने परिवार की हत्या के मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि गणपति चक्रवर्ती ने जब उन्हें घर में ड्रग्स लेने से रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने परिवार की हत्या करने की योजना बनाई। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने घर का सामान भी इधर-उधर बिखेर दिया ताकि हत्या को घर में हुई लूटपाट की घटना जैसा दिखाया जा सके।
घर की छत पर नशा कर रहे थे आरोपी
पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद के अनुसार, दोनों आरोपी गणपति चक्रवर्ती के निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल की छत पर कथित तौर पर याबा (yaba) ड्रग्स का सेवन कर रहे थे। याबा मेथामफेटामाइन आधारित एक खतरनाक नशीला पदार्थ है। आरोपियों की शोर सुनकर 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती छत पर पहुंचे। उन्होंने दोनों युवकों को नशा करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने तौलिये से उनका गला घोंट दिया।
गणपति की चीख सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती भी ऊपर जाने लगीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सीढ़ियों पर ही उनकी भी हत्या कर दी। इसके बाद परिवार की बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी ऊपर आने लगीं। आरोपियों को डर था कि वह उन्हें पहचान लेंगी। पुलिस के अनुसार, उन्होंने अगामी की भी हत्या कर दी। फिर परिवार के छोटे बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) को भी कथित तौर पर उस समय मार दिया गया, जब वह कमरे में सो रहा था।
हत्या के बाद घर में ही नहाए, खाया खाना
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों ने हत्या करने के तुरंत बाद घर नहीं छोड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर घर में नहाया, फ्रिज से खजूर और खीरा निकाला और खाया। इसके बाद उन्होंने फिर याबा का सेवन किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घर में सामान इधर-उधर बिखेर दिया, ताकि पहली नजर में ऐसा लगे कि घर में चोरी या लूट के लिए घुसे लोगों ने हत्या की है। इसके बाद वे उस समय घर से निकले जब शुक्रवार की नमाज से पहले सड़कें खाली थीं।
सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन पानी में डाले
पुलिस को जांच के दौरान घर से याबा का सेवन करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली। यह सामान एक टेबल पर पड़ा था। इसके अलावा पुलिस को ऐसे संकेत भी मिले कि आरोपियों ने परिवार के सोने के आभूषणों में से एक कंगन को आग लगाकर जांचने की कोशिश की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मृतकों के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिए और उन्हें डिटर्जेंट मिले पानी में डुबो दिया। आशंका है कि ऐसा सबूत नष्ट करने और अपनी पहचान छिपाने के लिए किया गया। जांच के दौरान मिले इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने सिद्धार्थ दास और मुग्धा दास को पकड़ा।
दोनों आरोपी क्या करते हैं?
पुलिस के अनुसार, पहला आरोपी मुग्धा दास रंगपुर के सिटी बाजार इलाके में एक मछली की दुकान पर काम करता है। जबकि सिद्धार्थ दास पिछले करीब आठ वर्षों से रंगपुर की एक आभूषण की दुकान में कारीगर के तौर पर काम कर रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर परिवार को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि गणपति चक्रवर्ती ने उन्हें अपने घर में नशीली दवा का सेवन करने से रोकने की कोशिश की थी। मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
पढ़ाई में भी होनहार था परिवार
मृतक गणपति चक्रवर्ती पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे। उनकी बेटी अगामी ने इसी साल रंगपुर के कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी विषय में मास्टर डिग्री पूरी की थी। जबकि उनका बेटा प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में कक्षा 5वीं का छात्र था। चारों की हत्या की खबर फैलने के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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घटना के विरोध में रंगपुर जिला स्कूल के छात्रों ने स्कूल के सामने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। इसके जरिए परिवार के चारों सदस्यों की हत्या के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे केवल ड्रग्स लेने से रोकने का विवाद था या इसके पीछे कोई अन्य मकसद भी था।
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