stock-markett.online
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले,  H1N1 के 1777 मरीज मिले, सरकार ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले,  H1N1 के 1777 मरीज मिले, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, H1N1 के 1777 मरीज मिले, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

देश की राजधानी दिल्ली में इस समय स्वाइन प्लू नाम का बिमारी तेजी से फैल रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 2026 में अब तक फ्लू के 2,602 मामले सामने आए हैं। इनमें 2,392 मामले इन्फ्लूएंजा-A और 210 मामले इन्फ्लूएंजा-B के हैं। इन्फ्लूएंजा-A में H1N1 सबसे ज्यादा पाया गया है, जिसके 1,777 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा H3, H1 और फ्लू के दूसरे प्रकार के मामले भी मिले हैं। दिल्ली में फ्लू के मामलों पर नजर रखने के लिए सरकार ने 35 अस्पतालों को विशेष निगरानी में रखा है। इसके अलावा, जांच और मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के लिए AIIMS और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) को रेफरल लैब बनाया गया है।

दिल्ली सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

दिल्ली सरकार ने फ्लू और सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा गया है। सरकार ने ये भी कहा कि, अगर किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे लापरवाही न करते हुए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं, उन्हें खुद से दवा ने लें। ऐसे लक्षण होने पर लोगों को डॉक्टर से संपर्क करके सही जांच और इलाज कराने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

एडवाइजरी में लोगों को फ्लू और सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने और साबुन-पानी से हाथ साफ करने को कहा गया है। साथ ही, बीमार लोगों से दूरी रखने, बार-बार आंख, नाक और मुंह को न छूने और सार्वजनिक जगहों पर थूकने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए भी कहा गया है।

स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी जारी की गाइडलाइंस

सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए इन्फ्लूएंजा से जुड़े मरीजों की देखभाल को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें मरीजों की स्थिति के हिसाब से इलाज, घर पर देखभाल, वेंटिलेटर की जरूरत और मास्क के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी दी गई है। अस्पतालों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को IHIP के जरिए फ्लू, गंभीर सांस की बीमारी, इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों की जांच और रिपोर्टिंग बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अस्पतालों में है पर्याप्त व्यवस्था

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि राजधानी में फ्लू के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सामान की पर्याप्त व्यवस्था है। सरकार मरीजों की संख्या पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत के हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन IDSP के जरिए इन्फ्लूएंजा के मामलों पर नजर रख रहा है। अधिकारी रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और हेल्थकेयर कर्मचारियों के लिए जागरूकता व ट्रेनिंग कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।

भारत में फ्लू का असर आमतौर पर साल में दो बार बढ़ता है, पहला जनवरी-मार्च और दूसरा मानसून के बाद। फिलहाल दिल्ली में H1N1 के मामले ज्यादा मिल रहे हैं, जबकि 2025 में H3N2 प्रमुख स्ट्रेन था।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *