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TCS Nashik Case: TCS नासिक में जिस निदा खान को बताया जा रहा HR क्या वो टेलीकॉलर है? इस केस में आया नया ट्विस्ट!

TCS Nashik Case: TCS नासिक में जिस निदा खान को बताया जा रहा HR क्या वो टेलीकॉलर है? इस केस में आया नया ट्विस्ट!

Last Updated on April 17, 2026 13:03, PM by Pawan

TCS Nashik Conversion Case: टीसीएस (TCS) नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोपों के बीच एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले में आरोपी बनाई गई निदा खान को लेकर अब तक जो दावे किए जा रहे थे, उनके उलट उनके परिवार ने कुछ नए दावे कर दिए हैं। अगर परिवार के दावों को सच मानें तो जिस निदा को ‘HR हेड’ बताकर वायरल किया जा रहा है, असल में उसकी सच्चाई कुछ और ही है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, बलात्कार और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे संगीन आरोपों ने पूरे देश को हिला दिया है। इसे लेकर नासिक में जबर्दस्त तनाव है और बीते दिनों कंपनी के कैंपस में तोड़फोड़ की कोशिश तक हुई है। हालात ऐसे हैं कि तमाम संगठन यहां धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और कंपनी के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया गया है। इस बीच कंपनी की इस यूनिट में इस मामले में नामजद आठ आरोपियों में से एक निदा खान को लेकर अब तक जो खबरें आ रही थीं, उनके पीछे की कहानी अब बदलती नजर आ रही है।

HR हेड या टेलीकॉलर? क्या है सच्चाई

अब तक इस मामले की आरोपी निदा खान को नासिक यूनिट का HR हेड बताया जा रहा था। निदा के परिवार ने इसके उलट दावा किया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार का दावा है कि निदा बीपीओ की सेल्स टीम में एक मामूली टेलीकॉलर के रूप में काम करती है। वह कॉमर्स ग्रेजुएट है और फिलहाल कॉरेस्पॉन्डेंस के जरिए MBA की पढ़ाई कर रही है। उसने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी और वह कोई सीनियर कर्मचारी नहीं है। उसका कभी भी HR टीम से कोई वास्ता नहीं रहा।

सोशल मीडिया पर वायरल फोटो का सच

निदा के छोटे भाई ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उसकी बहन की जो फोटो HR हेड के पद के साथ वायरल हो रही है, वह उसके निजी इंस्टाग्राम अकाउंट से ली गई है। भाई के मुताबिक उस फोटो के साथ छेड़छाड़ कर उस पर ‘HR हेड’ का पद जानबूझकर लिखा गया है।

पुलिस ने दावा किया था कि निदा खान फरार है, लेकिन उनके परिवार ने बताया कि वह कहीं भागकर नहीं गई हैं। जनवरी में शादी के बाद निदा अपने पति के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थी और वहीं मालाड स्थित बीपीओ यूनिट में काम कर रही थी। परिवार ने यह भी खुलासा किया कि निदा गर्भवती है। 9 अप्रैल को सस्पेंशन मिलने के बाद से वह मुंबई में अपने घर पर ही है।

फिर SIT को क्यों नहीं मिल रही?

परिवार के इस दावे के बीच हमारे सहयोगी News 18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) पिछले 48 घंटों से भिवंडी के विभिन्न इलाकों में निदा खान की तलाश में छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को इनपुट मिले थे कि निदा भिवंडी में छिपी हो सकती है। दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद भी पुलिस को अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भिवंडी एक अल्पसंख्यक बहुल और बेहद सघन आबादी वाला इलाका है। गलियों का जाल और भारी भीड़ के कारण पुलिस को सर्च ऑपरेशन चलाने और निदा खान के सटीक ठिकाने का पता लगाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

निदा के पिता ने क्या बताया?

लकड़ी का व्यवसाय करने वाले निदा के पिता अपनी बेटी पर लगे आरोपों से बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व था कि मेरी बेटी एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रही है, लेकिन अब पछतावा होता है। उसे घर से बाहर न निकलने देना ही बेहतर होता। उस पर लग रहे आरोप झूठे हैं। पिता का दावा है कि वह बस ऑफिस में हाय-बाय कहती थी और इसी वजह से मुसीबत में फंस गई।

क्या है नासिक विवाद का ये पूरा मामला?

नासिक स्थित टीसीएस बीपीओ की आठ महिला कर्मचारियों ने अपने ही सहयोगियों पर बलात्कार, यौन शोषण और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इस मामले में कुल आठ आरोपी हैं, जिनमें रज़ा रफीक मेमन और शफी बीखन शेख शामिल हैं, जिन्हें कोर्ट ने 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

इस घटना ने उद्योग जगत में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बयान भी सामने आया था। उन्होंने इन आरोपों को ‘अत्यंत चिंताजनक और पीड़ादायक’ बताया था। इस मामले की जांच के लिए कंपनी ने एक वरिष्ठ कार्यकारी के नेतृत्व में टीम गठित की है।