तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल लाने वाले TVK चीफ विजय को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तमिलनाडु में इस बार किसी एक पार्टी को साफ बहुमत नहीं मिला, जिसके कारण सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव परिणामों में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं विजय के सरकार बनाने की कोशिशों पर एक बड़ी रुकावट सामने आ सकती है। तमिलनाडु में कांग्रेस से समर्थन मिलने के बाद टीवीके चीफ एक्टर विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर दावा पेश किया था। हालांकि अब खबर है कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर विजय के दावों से संतुष्ट नहीं हैं।
एक्टर विजय को कांग्रेस के पांच विधायकों के अलावा टीवीके को छोटे दलों से समर्थन मिलने की उम्मीद है। वहीं सात मई को नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह होना तय है, जो फिलहाल टाला जा सकता है।
दावों से राज्यपाल नहीं हैं संतुष्ट!
लोक भवन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल को अभी तक पेश किए गए आंकड़ों पर भरोसा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि TVK के पास फिलहाल 107 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस से उसे 5 सीटों का समर्थन मिला है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए पार्टी को बहुमत का जरूरी “जादुई आंकड़ा” हासिल करना होगा। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने कहा, “विजय की ओर से पेश किए गए आंकड़ों से मैं संतुष्ट नहीं हूं।” सूत्रों के अनुसार, मौजूदा स्थिति को देखते हुए TVK का शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है, क्योंकि पार्टी के पास सरकार बनाने लायक पर्याप्त संख्याबल नहीं है।
तमिलनाडु में नंबर गेम का खेल!
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की, जिससे अभिनेता और नेता विजय की राजनीति में मजबूत एंट्री मानी जा रही है। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए करीब 95 सीटें हासिल कीं। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को इस बार उम्मीद से कम सीटें मिलीं और पार्टी लगभग 20 सीटों तक सिमट गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कुछ सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की।
कांग्रेस पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की और अब उसके समर्थन को सरकार गठन के लिए अहम माना जा रहा है। अन्य छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कुछ सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे विधानसभा का समीकरण और दिलचस्प हो गया है। अब तमिलनाडु में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन सरकार बनाएगा। राजनीतिक दल लगातार समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और राज्यपाल की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। बता दें कि तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 का है।

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