Operation Sindoor effect: एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली सालगिरह पर भारतीय डिफेंस स्टॉक्स ने 37 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है,जिससे मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में 2.9 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। आउटलुक बिज़नेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में इस सेक्टर के प्रदर्शन को रिकॉर्ड डिफेंस बजट,इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट ऑर्डर्स और स्वदेशीकरण पर लगातार बने फोकस से सपोर्ट मिला है। बता दें कि 6-7 मई, 2025 की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारत का सैन्य हमला हुआ था जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से डिफेंस स्टॉक्स के रिटर्न पर एक नजर
आउटलुक बिजनेस के मुताबिक पहलगाम हमले और उसके बाद हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बीते एक साल में भारत के डिफेंस स्टॉक्स में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है,जिससे इनके मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में 2.9 लाख करोड़ रुपये का इज़ाफ़ा हुआ है। Investing.com India के आंकड़ों के मुताबिक, 6 मई 2026 तक निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने 34.07 प्रतिशत का 1 साल का सालान रिटर्न दिया है। इसका 52-हफ्तों का रेंज 6,621.8 से 9,195.15 के बीच रहा। 6 मई 2026 को यह इंडेक्स 8,903 के आसपास ट्रेड करता दिखा।
“डिफेंस शेयरों में तेजी का दौर चल रहा है। भारत ने अपने सभी घोषित रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया है,ऐसे में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक पूर्ण और स्पष्ट सफलता साबित हुआ है। यह एक ऐसी सफलता है जिसमें भारत की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता ने अहम भूमिका निभाई है।” ये बातें इन्फोमेरिक्स वैल्यूएशन एंड रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने एक नोट में कही हैं जिसका ज़िक्र गुडरिटर्न्स (Goodreturns) ने किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद डिफेंस शेयरों में उछाल, आठ ट्रेडिंग सेशन में 15-40% भागे शेयर
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बाजार ने शुरुआती प्रतिक्रिया तत्काल और व्यापक थी। गुडरिटर्न्स के मुताबिक इस ऑपरेशन के बाद के महज़ आठ कारोबारी सत्रों में भारतीय डिफेंल शेयरों में 15 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक की तेजी आई थी। इसकी मुख्य वजह निवेशकों की यह उम्मीद थी कि सरकार डिफेंस में अपना खर्च बढ़ाएगी और आपातकालीन खरीद के ऑर्डर देगी।
कोचीन शिपयार्ड ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की शुरुआती तेजी में सबसे आगे रहते हुए,आठ सत्रों में लगभग 40 प्रतिशत की तेजी दर्ज की थी। इसके बाद भारत डायनामिक्स ने 27 प्रतिशत से ज्यादा, पारस डिफेंस ने 22 प्रतिशत से ज्यादा, मज़गांव डॉक ने 19 प्रतिशत, BEL ने 20 प्रतिशत और HAL ने 16 प्रतिशत की बढ़त दिखाई थी। 16 मई, 2025 को HAL में 5 प्रतिशत की तेजी आई और यह 5,110 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। BEL 4.4 प्रतिशत बढ़कर 365.70 रुपये पर पहुंच गया और BDL 7.3 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,938.60 रुपये पर पहुंच गया।
2025 के आंकड़ों पर एक नजर
डिफेंस शेयरों की यह रैली पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 में जारी रही। गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2025 में लार्ज-कैप डिफेंस पीएसयू कंपनियों HAL, BEL और BDL में 15 प्रतिशत, 40 प्रतिशत और 61 प्रतिशत की तेजी आई। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने 2025 में लगभग 79 प्रतिशत का रिटर्न देकर इस सेक्टर में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद पारस डिफेंस ने 61 प्रतिशत से अधिक और कोचीन शिपयार्ड तथा मझगांव डॉक ने 34-39 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
ऑपरेशन सिंदूर के अलावा तीन अन्य घटनाओं ने 2025 में डिफेंस शेयरों निवेशकों की दिलचस्पी बनाए रखी। ये हैं इंडिया-यूएस डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट, सैन्य साजो-सामान और कल-पुर्जों के संयुक्त निर्माण पर भारत-रूस समझौता और डिफेंस एक्विजीशन काउंसिल के ऑर्डरों की मंजूरी की एक मजबूत पाइपलाइन।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक FY25 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 23,622 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह FY14 के 686 करोड़ रुपये के मुकाबले 11 वर्षों में 34 गुना की बढ़त है। देश के डिफेंस एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 12.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने मई 2025 में FY25 के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन की भी जानकारी दी। इस खबर के चलते इस सेक्टर के शेयरों में खरीदारी का एक और दौर शुरू हो गया।
FY27 के लिए भारत के रक्षा बजट में रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
1 फरवरी, 2026 को पेश यूनियन बजट FY27 में भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा आवंटन किया गया। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार,रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ रुपये मिले,जो वित्त वर्ष 26 के 6.81 लाख करोड़ रुपये से 15.19 प्रतिशत ज्यादा है। यह केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों में सबसे बड़ा आवंटन है,जो केंद्र सरकार के कुल खर्च का 14.67 प्रतिशत है।
कुल राशि में से 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए थे। बिजनेस टुडे के मुताबिक यह FY26 के संशोधित अनुमान 1.86 लाख करोड़ रुपये से 21.8 प्रतिशत अधिक है। बिजनेस टुडे के अनुसार बजट पेश होने से पहले ही सरकार ने ‘सिंदूर’ के बाद की आपातकालीन खरीद पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे,जिसमें ड्रोन,गोला-बारूद और महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियां शामिल थीं।
CPPR के मुताबिक FY27 के बजट में ‘एअरक्रॉफ्ट और एयरो इंजन’ के मद में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नौसेना के बेड़े के लिए 25,023.63 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है और सेना के डिजिटलीकरण,ड्रोन,सेंसर तथा ऊंचाई वाली जगहों पर होने वाले युद्ध के लिए जरूरी अपग्रेड के लिए ‘अन्य उपकरण’ मद के तहत 82,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
MTAR टेक्नोलॉजीज ने एक साल में दिया 337% रिटर्न
MTAR टेक्नोलॉजीज ‘ऑपरेशन सिंदूर’के बाद डिफेंस सेक्टर में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही है। यह एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एयरोस्पेस,डिफेंस,न्यूक्लियर और क्लीन एनर्जी सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद के एक साल में इस कंपनी के स्टॉक ने 337.76 प्रतिशत का रिटर्न दिया,जो डिफेंस से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा है।
निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स पर एक नजर
NSE इंडाइसेज के मुताबिक निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स के फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के आधार पर इसमें शामिल टॉप कंपनियां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स,सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया,मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स,भारत फोर्ज और भारत डायनामिक्स हैं। Investing.com India के अनुसार, 6 मई, 2026 को यह इंडेक्स 8,903.35 पर ट्रेड कर रहा था,जिसकी 52-वीक रेंज 6,621.8 से 9,195.15 थी।
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भारत के डिफेंस शेयरों का लॉन्ग-टर्म आउटलुक
भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry) और KPMG इंडिया की जून 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का रक्षा बजट FY26 के 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2047 तक लगभग 31.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही,रक्षा उत्पादन FY25 के 1.46 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर छह गुना से भी ज्यादा होकर 8.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। डिफेंस एक्सपोर्ट के भी 2047 तक बढ़कर 2.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है,जो FY25 के 24,000 करोड़ रुपये के आंकड़े से लगभग बारह गुना अधिक है।
30 मार्च,2026 की NSE Indices फैक्टशीट के अनुसार निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने 1 साल में 12.83 प्रतिशत का प्राइस रिटर्न और 5 साल में 28.03 प्रतिशत का CAGR दिया है। उस तारीख तक इंडेक्स 45.72 के P/E और 9.6 के P/B पर ट्रेड कर रहा था। NSE Indices के मुताबिक, इसका 1 साल का कुल रिटर्न 13.45 प्रतिशत और 5 साल का कुल रिटर्न CAGR 29.66 प्रतिशत रहा।
नोट: 30 मार्च, 2026 की NSE Indices फैक्टशीट के अनुसार निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स का 1 साल का प्राइस रिटर्न 12.83 प्रतिशत है,जबकि Investing.com India के अनुसार, 6 मई, 2026 तक इंडेक्स में 1 साल का बदलाव 34.07 प्रतिशत रहा है। यह 30 मार्च,2025 के बाद आई ज़ोरदार ‘सिंदूर रैली’ को दिखाता है।
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