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‘Extremely Severe Alerts!’ क्या आपके फोन पर भी आया ये मैसेज? तो जान लीजिए क्या है इसका मतलब, क्यों आया ये अलर्ट

‘Extremely Severe Alerts!’ क्या आपके फोन पर भी आया ये मैसेज? तो जान लीजिए क्या है इसका मतलब, क्यों आया ये अलर्ट

Last Updated on May 2, 2026 13:10, PM by Pawan

क्या आज दिन में आपके मोबाइल फोन पर भी एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था- Extremely Severe Alerts, घबराइये नहीं ये कोई ऑनलाइन फ्रॉड या स्कैम का मैसेज नहीं है। बल्कि ये सरकार के नए सिस्टम की तरफ से भेजा गया टेस्टिंग अलर्ट मैसेज है। चलिए पूरा मामला समझाते हैं। भारत में अब प्राकृतिक आपदाओं से लोगों को जल्दी चेतावनी देने के लिए एक नया सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जिसे Cell Broadcast Alert System कहा जाता है। अभी इसे पूरे देश में टेस्ट किया जा रहा है।

ये वही टेस्टिंग मैसेज है, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथ़ॉरिटी (NDMA) की तरफ से आपके फोन पर भेजा गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ एक टेस्ट मैसेज है। लगभग सभी लोगों को सुबह करीब 11:42 बजे ऐसा अलर्ट मिला था।

क्या है यह नया सिस्टम?

सरकार का मकसद है कि भूकंप, बाढ़, तूफान जैसी आपदाओं के समय लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके। यह काम दूरसंचार विभाग (DoT) और NDMA मिलकर कर रहे हैं, ताकि मोबाइल के जरिए तेजी से अलर्ट भेजे जा सकें।

मैसेज में साफ लिखा होता है- “इस संदेश को प्राप्त करने पर जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है।”

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

इस सिस्टम के पीछे SACHET इंटिग्रेटेड अलर्ट सिस्टम है, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने बनाया है।

  • यह सिस्टम लोकेशन के हिसाब से लोगों को अलर्ट भेजता है
  • देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहा है
  • अब तक 19 से ज्यादा भाषाओं में अरबों मैसेज भेजे जा चुके हैं

SMS से अलग क्या है?

अब तक अलर्ट SMS से भेजे जाते थे, लेकिन नए Cell Broadcast सिस्टम में:

  • एक साथ पूरे इलाके के सभी मोबाइल पर मैसेज पहुंचता है
  • नेटवर्क व्यस्त होने पर भी मैसेज तुरंत डिलीवर होता है
  • भूकंप, सुनामी जैसी इमरजेंसी में ज्यादा तेज काम करता है

फिलहाल यह सिस्टम टेस्टिंग में है, इसलिए आपको आने वाले दिनों में कई बार टेस्ट अलर्ट मिल सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में मैसेज आ सकते हैं। लेकिन हर बार याद रखें: ये सिर्फ टेस्ट है, कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।

कुल मिलाकर, यह सिस्टम भविष्य में आपदा के समय लोगों की जान बचाने में बहुत मददगार साबित हो सकता है।