Sunjay Kapur Case: दिवंगत बिजनेसमेन और सोना ग्रुप के मालिक संजय कपूर की मौत के बाद से उनकेी संपत्ति को लेकर खीचतान मची हुई है। करोड़ों की संपत्ति और फैमिली ट्रस्ट का विवाद बढ़ता चला जा रहा है। लंबे समय से अदालतों में चल रही इस कानूनी लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने देश के पूर्व सीजेआई डी. वाई. चंद्रचूड़ को इस केस में मध्यस्थ नियुक्त कर दिया है।
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ मध्यस्थ नियुक्त
इस मध्यस्थता के लिए परिवार के सभी पक्षों ने सहमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर यह मामला इसी तरह कोर्ट में चलता रहा, तो इसे सुलझने में सालों लग सकते हैं। इसलिए अदालत चाहती है कि परिवार आपसी बातचीत और समझौते के जरिए इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने के बारे सोचे।
इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि अब इस केस को लेकर कोई भी पक्ष मीडिया में बयानबाजी नहीं करेगा। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले से जुड़ी कोई बात नहीं की जाएंगी। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में करने वाला है।
करिश्मा कपूर को मिली थी राहत
बीते दिनों इस केस में कोर्ट ने करिश्मा कपूर के और उनके बच्चों को राहत देते हुए प्रिया कपूर को बड़ा झटका दिया था। कोर्ट ने दिवंगत संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के उनकी संपत्तियों को बेचने या ख़र्च करने पर रोक लगाई है। संजय कपूर के निधन के बाद करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और कियान की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा गया था कि प्रिया कपूर ने उनके पिता की फर्जी वसीयत बनाई है। वहीं प्रॉपर्टी की पूरी लिस्ट उन्हें नहीं दी गई है। प्रिया ने कई बड़ी संपत्तियां छुपाई गई है।
संजय कपूर के निधन के बाद शुरू हुआ विवाद
बता दें कि यह पूरा मामला संजय कपूर की अचानक हुई मौत के बाद शुरु हुआ, जब उनकी संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और विरासत को लेकर परिवार आपस में भिड़ गया। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने एससी में याचिका दायर करके फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की सबसे पहले मांग उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना बना है।
रानी कपूर ने प्रिया कपूर पर लगाए गंभीर आरोप
रानी कपूर ये भी बताया था कि इस ट्रस्ट के जरिए परिवार की संपत्तियों और विरासत पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अदालत से मांग करते हुए कहा था कि जब तक मामले का निर्णय नहीं हो जाता, तब तक संपत्तियों के ट्रांसफर और किसी भी तरह की सेल पर रोक लगाई जाए।
वहीं इससे पहले की सुनवाई में भी एससी ने संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर को नोटिस जारी किया था। उस सुनवाई में अदालत ने दोनों पक्षों को एडवाइज देते हुए कहा था कि वे मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने कोशिश क्यों नहीं करते हैं।
इस विवाद में प्रिया कपूर और रानी कपूर के अलावा एक्ट्रेस करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर का नाम याचिकाओं में दर्ज किया गया है। करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से संपत्ति में उनके हक से जुड़ा मामला दर्ज कराया था। वहीं रानी कपूर ने दावा करते हुए कोर्ट में कहा था कि वह दिवंगत पति डॉ. सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की इकलौती कानूनी तौर पर उत्तराधिकारी हैं। रानी का कहना है कि साल 2017 में कई अवैध लेन-देन के जरिए उनकी संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट में ढकेला गया था।
वहीं संजय कपूर की मां ने यह भी आरोप लगाया था कि जब वह बीमारियों से जूझ रही थीं, तब उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए गए थे, जिनमें कुछ दस्तावेज खाली पन्ने थे और उन्हें पूरी जानकारी भी नहीं दी गई थी। उन्होंने अपने बेटे संजय कपूर और बहू प्रिया कपूर पर बीमारी का फायदा उठाकर संपत्ति ट्रांसफर करने का गंभीर आरोप भी लगाया था।
जबकि प्रिया कपूर ने संजय कपूर की मां…करिश्मा कपूर और ननद के सभी आरोपों को गलत बताया था। साथ ही परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया था। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उनकी इमेज को खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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