Dixon Technologies का नया ग्रोथ प्लान, डिफेंस से मेडिकल तक इन सेक्टर्स में एंट्री की तैयारी
Dixon Technologies अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोटिव, मेडिकल और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट में एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी के डायरेक्टर और CFO सौरभ गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026 की एनुअल रिपोर्ट में शेयरहोल्डर्स को दिए संदेश में यह जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक इन सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ और बेहतर वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स के अवसर तलाशे जा रहे हैं।
इसके लिए Dixon एक नई क्षमता और निवेश योजना तैयार कर रही है। इसमें कैपिटल एलोकेशन, नई टैलेंट को जोड़ना और रणनीतिक साझेदारियां शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य खुद को एक ऐसी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के रूप में विकसित करना है, जो दुनिया की बड़ी कंपनियों को एंड-टू-एंड समाधान दे सके।
कंपनी को फोकस कहां?
वित्त वर्ष 2027 में Dixon का फोकस बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स को पूरी क्षमता से शुरू करने, IT हार्डवेयर, टेलीकॉम और मोबाइल से जुड़े जॉइंट वेंचर को बढ़ाने और एक्सपोर्ट्स में तेजी लाने पर रहेगा। कंपनी को उम्मीद है कि डिस्प्ले और कैमरा मॉड्यूल प्लांट की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ने से आने वाले समय में मार्जिन में भी सुधार होगा। Dixon के कैमरा मॉड्यूल बिजनेस में भी बड़ी क्षमता विस्तार योजना है।
यह कारोबार Kunshan Q-Tech India में Dixon की 51 फीसदी हिस्सेदारी के जरिए चलाया जा रहा है। कंपनी मौजूदा करीब 7 करोड़ यूनिट की सालाना क्षमता को अगले कुछ सालों में बढ़ाकर 18-19 करोड़ यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रख रही है।
Gemtek Technology के साथ जॉइंट वेंचर
इसके अलावा Dixon, Taiwan की Gemtek Technology के साथ 60:40 जॉइंट वेंचर के प्रस्ताव पर काम कर रही है। इस साझेदारी के जरिए ऑप्टिकल ट्रांसीवर्स बनाए जाने की योजना है। कंपनी पारंपरिक कंप्यूटर और IT हार्डवेयर से आगे बढ़कर एंटरप्राइज सर्वर और डेटा सेंटर हार्डवेयर के बाजार में भी अवसर तलाश रही है। क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से इस कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है।
इंजीनियरिंग पावरहाउस’ का लक्ष्य
सौरभ गुप्ता के मुताबिक Dixon का अगला लक्ष्य खुद को एक ‘इंजीनियरिंग पावरहाउस’ के रूप में डेवलप करना है। इसके लिए कंपनी प्रोडक्ट डिजाइन, इंजीनियरिंग, कंपोनेंट लोकलाइजेशन, प्रोसेस ऑटोमेशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर निवेश बढ़ाएगी।
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कंपनी का मानना है कि इस स्ट्रैटेजिक बदलाव से वह ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट तैयार कर सकेगी, इनोवेशन की रफ्तार बढ़ेगी और प्रोडक्ट क्वालिटी बेहतर होगी। साथ ही, इससे Dixon को घरेलू और ग्लोबल दोनों तरह के ब्रांड्स के लिए ज्यादा एडवांस और अलग तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स समाधान देने में मदद मिलेगी।
Disclaimer: शेयर को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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