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Dixon Technologies पर ब्रोकरेज रिपोर्ट, 13,000 रुपये का नया टारगेट; जानें क्यों BUY से HOLD हुई रेटिंग
Dixon Technologies पर ब्रोकरेज रिपोर्ट, 13,000 रुपये का नया टारगेट; जानें क्यों BUY से HOLD हुई रेटिंग

Dixon Technologies पर ब्रोकरेज रिपोर्ट, 13,000 रुपये का नया टारगेट; जानें क्यों BUY से HOLD हुई रेटिंग

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Dixon Technologies को लेकर ब्रोकरेज ने अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कंपनी के Vivo Mobile India के साथ हुए जॉइंट वेंचर (JV) को बड़ा कदम बताया गया है। हालांकि, अच्छी संभावनाओं के बावजूद ब्रोकरेज फिलहाल शेयर पर सावधान नजर आ रहे हैं।

शेयर पर क्या है नई रेटिंग और टारगेट?

ब्रोकरेज ने Dixon Technologies पर पहले की ‘BUY’ रेटिंग को घटाकर ‘HOLD’ कर दिया है। वहीं शेयर का लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 13,000 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 11,700 रुपये था।

ब्रोकरेज के मुताबिक, पिछले एक महीने में Dixon का शेयर करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है। इसी वजह से मौजूदा स्तर पर शेयर का मूल्यांकन काफी ऊंचा नजर आ रहा है। इसलिए निवेशकों को फिलहाल नए निवेश में जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी गई है।

Vivo के साथ JV पर क्या बोला ब्रोकरेज?

ब्रोकरेज के मुताबिक, Dixon Technologies ने Vivo Mobile India के साथ एक जॉइंट वेंचर समझौता किया है। इस नई कंपनी में Dixon की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी 49 फीसदी हिस्सेदारी Vivo Mobile India के पास रहेगी। यह कंपनी मिलकर भारत में स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामनों की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। इसके लिए केंद्र सरकार से Press Note 3 के तहत मंजूरी भी मिल चुकी है।

ब्रोकरेज का मानना है कि यह साझेदारी Dixon के मोबाइल कारोबार को और मजबूत करेगी। इसके अलावा आने वाले समय में यह जॉइंट वेंचर Vivo के अलावा दूसरे ब्रांड्स के लिए भी मैन्युफैक्चरिंग कर सकता है, जिससे कंपनी के कारोबार का दायरा और बढ़ सकता है।

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ब्रोकरेज ने क्या बदला और क्यों?

Vivo के साथ हुए समझौते के बाद ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए कंपनी की आय के अनुमान में करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। साथ ही मोबाइल कारोबार में बेहतर वॉल्यूम और मार्जिन की उम्मीद भी जताई गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले समय में Dixon Technologies के शेयर की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार PLI 2.0 योजना कब और किन नियमों के साथ लाती है। साथ ही, अगर कंपनी डेटा सेंटर सर्वर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के कारोबार को तेजी से बढ़ाने में सफल रहती है, तो भविष्य में उसके कारोबार और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे शेयर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है

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