EPF Scheme 2026: 1 लाख रुपये में से सिर्फ 75 हजार की हो सकेगी UPI के जरिए निकासी, समझिए पीएफ एडवांस के नए रूल
EPF Scheme 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए पीएफ सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल बदलाव लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में CITES 2.01 के तहत सॉफ्टवेयर अपग्रेड और नए ईपीएफ नियम (EPF Scheme 2026) के बाद पीएफ क्लेम और निकासी से जुड़े कई नियम आसान बताए जा रहे हैं। वहीं, EPFO 3.0 के तहत भविष्य में UPI और पीएफ-इनेबल्ड ATM के जरिए निकासी की सुविधा मिलने की भी तैयारी है, जिसकी कर्मचारियों के बीच खूब चर्चा है।
नए नियमों के तहत पात्र सदस्य अब अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे। यानी अगर किसी सदस्य के खाते में 1 लाख रुपये जमा हैं, तो वह पात्रता के अनुसार 75,000 रुपये तक निकाल सकेगा। हालांकि, UPI के जरिए यह निकासी EPFO 3.0 लागू होने के बाद ही संभव हो सकेगी।
आइए समझते हैं पीएफ एडवांस और निकासी से जुड़े नए नियम।
समझिए पीएफ एडवांस के नए रूल
EPFO ने एडवांस निकासी के नियमों को भी आसान बनाया है। अब सदस्य कम से कम 12 महीने तक EPF का सदस्य रहने के बाद पीएफ एडवांस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे पहले कई मामलों में अलग-अलग शर्तें लागू होती थीं, जिनकी वजह से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
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PF Withdrawal Rules : अब सिर्फ तीन कैटेगरी में मिलेगा पीएफ एडवांस
EPFO ने आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के पुराने जटिल नियमों को भी काफी सरल बना दिया है। पहले करीब 13 अलग-अलग श्रेणियां थीं, जिन्हें अब घटाकर केवल तीन प्रमुख कैटेगरी में कर दिया गया है
- आवश्यक जरूरतें (बीमारी, उच्च शिक्षा और शादी)
- घर या आवास से जुड़ी जरूरतें
- विशेष परिस्थितियां
नौकरी छोड़ने या छंटनी पर क्या बदलेंगे नियम?
अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है या उसकी छंटनी हो जाती है, तो वह पहले की तरह अपने पात्र पीएफ फंड का 75% तक निकाल सकेगा। हालांकि, पूरे पीएफ फंड (100% सेटलमेंट) की निकासी के लिए यह जरूरी हो सकता है कि कर्मचारी कम से कम 12 महीने तक किसी EPFO कवर कंपनी में दोबारा नौकरी पर न हो।
5 लाख रुपये तक का क्लेम होगा ऑटो सेटल
EPFO ने ऑटो-क्लेम सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले केवल 1 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम स्वतः निपटाए जाते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। यदि सदस्य का KYC पूरी तरह अपडेट और सत्यापित है, तो ऐसे क्लेम बिना मैनुअल हस्तक्षेप के तेजी से निपटाए जा सकेंगे।
क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना होगी कम
नई व्यवस्था में क्लेम जमा होने से पहले ही सिस्टम उसकी ऑटो प्री-वैलिडेशन करेगा। यदि किसी दस्तावेज या जानकारी में कमी होगी तो सदस्य को पहले ही बता दिया जाएगा। इससे क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों में कमी आएगी और पहली बार में ही क्लेम मंजूर होने की संभावना बढ़ेगी।
कितना पैसा निकाल सकते हैं, पहले ही दिखेगा
नई डिजिटल व्यवस्था में सदस्य यह भी देख सकेंगे कि वे अपने पीएफ खाते से किस श्रेणी में कितनी राशि निकालने के पात्र हैं। पहले इस जानकारी के अभाव में कई सदस्य निर्धारित सीमा से अधिक राशि का क्लेम कर देते थे, जिसके कारण आवेदन खारिज हो जाता था।
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अब मिलेगा आखिरी दिन तक का ब्याज
EPFO ने एक और बड़ा बदलाव किया है। पहले अंतिम पीएफ सेटलमेंट पर ब्याज की गणना पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही होती थी। अब सदस्य को भुगतान की मंजूरी (Payment Authorisation) की तारीख तक ब्याज मिलेगा। इससे अंतिम भुगतान की राशि पहले की तुलना में अधिक हो सकती है।
UPI के जरिए पीएफ निकासी कब?
नई EPF स्कीम और सॉफ्टवेयर के तहत सबसे अहम बदलाव पीएफ सिस्टम को लेकर देखने को मिल रहा है। अभी तक 13 अलग-अलग परिस्थितियों में आमतौर पात्र सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का कुछ हिस्सा ही निकाल सकते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र सदस्य 75% तक पीएफ निकासी कर सकेंगे। संभावना है कि ईपीएफ सदस्यों को जल्द ही UPI के जरिए पीएफ निवासी की सुविधा मिलेगी। बताया जा रहा है कि सदस्यों को आगामी अपडेट EPFO 3.0 के बाद ये नई सुविधा मिलेगी।
ध्यान रहे
नए EPF नियम में डिजिटल नॉमिनेशन, आधार, PAN और आधार से लिंक बैंक खाता बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। EPFO ने सभी सदस्यों के लिए नॉमिनेशन को अनिवार्य महत्व दिया है। साथ ही, नियमों में बदलाव के कारण कई पुराने नॉमिनेशन इनवैलिड भी हो सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को सलाह दी जा रही है कि वे EPFO पोर्टल पर जाकर अपना KYC और नॉमिनेशन जल्द से जल्द अपडेट कर लें।

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