ET NOW Markets Summit 2026 : सेबी चेयरमैन बोले -SEBI कैपिटल मार्केट में AI इस्तेमाल पर जारी करेगा गाइडलाइंस
ET NOW Markets Summit 2026 की शुरुआत सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टैरिफ, सप्लाई चेन में रुकावट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चुनौतियां और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भारतीय शेयर बाजारों के लिए लगातार बड़ी चुनौतियां रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों से आईपीओ एक्टिविटीज अपेक्षाकृत धीमी रही हैं, लेकिन आने वाले महीनों के लिए आईपीओ पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव निवेशकों के भरोसे को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए और मजबूत बाजार ढांचे के लिए आवश्यक आधार पहले से तैयार हैं।
सेबी प्रमुख ने कहा कि टी+1 सेटलमेंट साइकिल, टी+3 आईपीओ टाइमलाइन और फंड ब्लॉकिंग प्रक्रिया में सुधार जैसे कदमों ने इंडियन कैपिटल मार्केट को अधिक कुशल और निवेशक-अनुकूल बनाया है। उन्होंने भरोसा जताया कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री किसी भी संभावित रिडेम्पशन दबाव को संभालने में सक्षम है।
AI के इस्तेमाल पर डिटेल्ड गाइडलाइंस संभव
सेबी चेयरमैन ने कहा कि फाइनेंशियल मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर डिटेल्ड गाइडलाइंस लाने पर विचार कर रहा है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि AI रेगुलेटर के भविष्य के एजेंडे का एक अहम हिस्सा होगा, साथ ही इंसानी निगरानी भी मजबूत बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटलीकरण के जरिए बाजारों तक पहुंच को लगातार बेहतर बनाया गया है और निवेशकों के अनुभव को और मजबूत करने के लिए सुधार जारी रहेंगे।
सेबी कर रहा नियमों की समीक्षा
SEBI प्रमुख ने बताया कि लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) फ्रेमवर्क, डीलिस्टिंग नियम, म्युनिसिपल डेट मार्केट और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट से जुड़े नियमों की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा डेट मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क पर भी काम चल रहा है। विदेशी निवेशकों के लिए SEBI केवाईसी नियमों को और सरल बनाने के प्रयास जारी रखेगा। साथ ही NRI के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने हेतु अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
SEBI चेयरमैन ने लंबी अवधि के फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की शुरुआत की वकालत की। पांडे ने कहा कि SEBI भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर बॉन्ड इंडेक्स आधारित डेरिवेटिव्स प्रोडक्ट को भी जोड़ने पर काम कर रहा है। साथ ही डेरिवेटिव्स बाजार को अधिक मजबूत बनाने के लिए कई संतुलित कदम उठाए गए हैं।

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