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ET Now Markets Summit 2026: SIP निवेशकों का भरोसा बरकरार, स्टॉपेज रेशियो घटकर 95% पर आया-सेबी चेयरमैन
ET Now Markets Summit 2026: SIP निवेशकों का भरोसा बरकरार, स्टॉपेज रेशियो घटकर 95% पर आया-सेबी चेयरमैन

ET Now Markets Summit 2026: SIP निवेशकों का भरोसा बरकरार, स्टॉपेज रेशियो घटकर 95% पर आया-सेबी चेयरमैन

ET Now Markets Summit 2026 में सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि ग्लोबल और घरेलू चुनौतियों के बावजूद भारतीय पूंजी बाजारों ने मजबूती दिखाई है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल और मई महीनों में इंडियन कैपिटल मार्केट के जरिए 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई। इसमें लगभग 70000 करोड़ रुपये इक्विटी इश्यू के माध्यम से और करीब 86000 करोड़ रुपये कॉरपोरेट बॉन्ड्स के जरिए जुटाए गए। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में प्राइमरी मार्केट एक्टिविटी में कुछ नरमी जरूर आई है, लेकिन करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की IPO पाइपलाइन आने वाले महीनों के लिए मजबूत बनी हुई है।

सेबी प्रमुख ने कहा कि बाजार की स्थिरता बनाए रखने में घरेलू निवेशकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मई 2026 के अंत तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट में SIP का योगदान 20-21 फीसदी तक पहुंच गया है। साथ ही SIP स्टॉपेज रेशियो घटकर 95 फीसदी पर आ गया है, जिसका मतलब है कि नए SIP रजिस्ट्रेशन बंद या मैच्योर होने वाले SIP की संख्या से अधिक रहे हैं। उन्होंने इसे लॉन्गटर्म निवेशकों के भरोसे का पॉजिटिव संकेत बताया।

तुहिन कांत पांडे ने कहा कि भारत ग्लोबल कैपिटल का स्वागत करता रहेगा, लेकिन अब बाजार का घरेलू निवेशक आधार पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हो गया है, जो ग्लोबल अनिश्चितता के समय बाजार को सहारा देता है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन यह जरूरी है कि बाजार व्यवस्थित रहें और निवेशकों का भरोसा कायम रहे।

उन्होंने आगे कहा कि मजबूत बाजारों के लिए मजबूत संस्थानों, अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रभावी रेगुलेशन की जरूरत होती है, जो इनोवेशन और निवेशकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखे। सेबी चेयरमैन ने कहा कि भारत का मार्केट इकोसिस्टम एफिशिएंसी बढ़ाने, जोखिम कम करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के मकसद से किए गए सुधारों के जरिए लगातार मजबूत हुआ है। इससे देश को तेजी से बदलते और अनिश्चित ग्लोबल माहौल में आगे बढ़ने में मदद मिली है, साथ ही आर्थिक विकास और कैपिटल फॉर्मेशन को भी सपोर्ट मिला है।

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