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Hantavirus: डच क्रूज शिप पर फैला हंता वायरस, तीन लोगों की गई जान, 23 देशों के 149 लोग अभी भी जहाज पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, डच क्रूज शिफ MV Hondius पर फैले हंता वायरस (Hantavirus) के मामले में इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई है। आमतौर पर यह वायरस चूहों जैसे कुतरने वाले जानवरों से फैलता है, लेकिन WHO का कहना है कि इस मामले में “बहुत करीबी संपर्क” (जैसे एक ही कमरे में रहने वाले कपल्स) के कारण संक्रमण फैल सकता है। हालांकि, ऐसा होना बहुत दुर्लभ है और आम लोगों के लिए खतरा कम बताया गया है।

WHO की अधिकारी डॉ. मारिया वैन केरखोव ने कहा कि संभव है पहला संक्रमित व्यक्ति जहाज पर चढ़ने से पहले ही वायरस की चपेट में आ चुका था। अब तक जहाज पर 7 मामलों की पहचान हुई है- 2 की पुष्टि और 5 संदिग्ध। तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच दंपति और एक जर्मन नागरिक शामिल हैं।

एक 69 साल के ब्रिटिश यात्री में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसे इलाज के लिए साउथ अफ्रीका भेजा गया। करीब 23 देशों के 149 लोग अभी भी जहाज पर हैं और सख्त उपाय लागू किए गए हैं। जहाज फिलहाल Cape Verde के पास खड़ा है।

जांच में यह भी माना जा रहा है कि वायरस का “एंडीज स्ट्रेन” हो सकता है, जो दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है, जहां से यह यात्रा शुरू हुई थी। जहाज कई ऐसे द्वीपों पर भी गया था, जहां चूहे मौजूद हो सकते हैं।

फिलहाल जहाज पर सैनिटाइजेशन किया जा रहा है, और जिन लोगों में लक्षण हैं या जो मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, वे PPE किट पहन हुए हैं।

WHO के अनुसार, स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को मेडिकल इवैक्यूएशन के जरिए बाहर ले जाया जा रहा है। कुल मिलाकर, आम जनता के लिए खतरा अभी भी कम माना जा रहा है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है।

हंता वायरस क्या है?

हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों जैसे कुतरने वाले जानवारों यानी Rodents से फैलने वाला एक वायरस है। यह इंसानों में मुख्य रूप से दो तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बनता है:

  1. HPS (Hantavirus Pulmonary Syndrome)– यह फेफड़ों को प्रभावित करता है और ज्यादातर अमेरिका में पाया जाता है।
  2. HFRS (Hemorrhagic Fever with Renal Syndrome)– यह सीधा किडनी पर असर करता है और रक्तस्राव का कारण बनता है। ज्यादातर एशिया और यूरोप में देखा जाता है।

हंता वायरस के प्रमुख लक्षण

इसके लक्षण संक्रमण के 1 से 8 हफ्तों के भीतर दिखाई दे सकते हैं। इन्हें दो चरणों में बांटा जा सकता है:

शुरुआती लक्षण (Early Symptoms): ये लक्षण काफी हद तक सामान्य फ्लू या बुखार जैसे लगते हैं:

  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • मांसपेशियों में तेज दर्द (खासकर कूल्हों, पीठ और कंधों में)
  • थकान और चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • पेट में दर्द, उल्टी या दस्त

गंभीर लक्षण: संक्रमण बढ़ने पर (करीब 4 से 10 दिनों बाद) स्थिति गंभीर हो सकती है:

  • सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई: फेफड़ों में तरल पदार्थ (Fluid) भर जाने के कारण।
  • खांसी: सूखी खांसी जो धीरे-धीरे बढ़ती है।
  • लो ब्लड प्रेशर: शरीर में रक्त का संचार कम होना।
  • किडनी फेलियर: HFRS के मामलों में पेशाब कम आना या खून आना।

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