ITR Filing 2026: टैक्स भरने का समय आते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नया टैक्स सिस्टम अपनाएं या पुराना ही रखें? ऊपर से देखने पर नया टैक्स सिस्टम आसान और सस्ता लगता है, लेकिन हर सैलरीड व्यक्ति के लिए यह सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। असल फैसला आपकी कमाई, खर्च और टैक्स प्लानिंग पर निर्भर करता है।
नया या पुराना टैक्स सिस्टम क्या होगा सही?
नया टैक्स सिस्टम कम टैक्स दरों के साथ आता है, लेकिन इसमें ज्यादातर छूट और कटौतियां नहीं मिलतीं। दूसरी तरफ पुराना सिस्टम ज्यादा टैक्स दरों वाला है, लेकिन इसमें आप कई तरह की छूट लेकर टैक्स कम कर सकते हैं। यही वजह है कि दोनों में से सही विकल्प चुनना सीधा फैसला नहीं होता।
नए टैक्स सिस्टम में क्या फायदा
नए टैक्स सिस्टम में मिडिल क्लास के लिए राहत ज्यादा है। अगर आपकी सालाना आय 12 लाख रुपये तक है, तो आपको टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है, जिससे 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री हो सकती है। यह सिस्टम उन लोगों के लिए अच्छा है जो निवेश या टैक्स सेविंग प्लानिंग में ज्यादा समय नहीं देना चाहते।
पुराने सिस्टम में कैसे बचता है टैक्स
पुराना टैक्स सिस्टम उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो पहले से टैक्स बचाने के लिए निवेश करते हैं।
सेक्शन 80C के तहत PPF, LIC, ELSS, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, घर का लोन और उसका ब्याज, HRA और LTA के जरिये टैक्स बचा सकते हैं। अगर आप इन सबका फायदा लेते हैं, तो आपका टैक्स काफी कम हो सकता है, भले ही टैक्स स्लैब ज्यादा हों।
सिर्फ टैक्स स्लैब से फैसला न करें
2026 के नियमों में कुछ बदलाव ऐसे हैं जो दोनों सिस्टम में असर डालते हैं। जैसे कुछ कंपनी द्वारा दिए जाने वाले बेनिफिट्स अभी भी टैक्स बचाने में मदद करते हैं, चाहे आप कोई भी सिस्टम चुनें। अब ऑफिस से मिलने वाले मील वाउचर जैसे Sodexo या Pluxee पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है। इससे आपकी सैलरी का एक हिस्सा टैक्स फ्री हो सकता है।
इसके अलावा कंपनी की तरफ से मिलने वाली कार पर भी टैक्स नियम दोनों सिस्टम में लागू रहते हैं। छोटी इंजन वाली या इलेक्ट्रिक कार पर टैक्स कम लगता है।
आपके लिए कौन सा सही?
अगर आपकी सैलरी सीधी है और आप ज्यादा निवेश नहीं करते, तो नया टैक्स सिस्टम आसान और बेहतर हो सकता है। लेकिन अगर आप HRA लेते हैं, इंश्योरेंस भरते हैं, होम लोन चला रहे हैं या नियमित निवेश करते हैं, तो पुराना सिस्टम आपको ज्यादा फायदा दे सकता है।
टैक्स बचाने का कोई एक फॉर्मूला सभी पर लागू नहीं होता। नया सिस्टम सादगी देता है, जबकि पुराना सिस्टम प्लानिंग करने वालों को फायदा देता है। इसलिए फैसला लेने से पहले अपनी आय, खर्च और निवेश को ध्यान से समझना जरूरी है। तभी आप सही विकल्प चुन पाएंगे और अपनी कमाई का ज्यादा हिस्सा बचा सकेंगे।
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