LPG price update India: LPG सिलेंडर की अपडेट कीमत! दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आज कितना है गैस का रेट?
LPG price update India: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से गैस सप्लाई पर असर पड़ने के बावजूद भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम आखिरी बार 7 मार्च को बढ़ाए गए थे, जब 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इस महीने अब तक कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल मुंबई में 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 912.50 रुपये है।
होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 993 रुपये बढ़कर रिकॉर्ड 3,071.50 रुपये तक पहुंच गया है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार चलाने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका काम काफी हद तक कमर्शियल गैस पर निर्भर करता है।
5 किलो FTL (बाजार मूल्य) LPG सिलेंडर की कीमत ₹549 से बढ़कर ₹810.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। अब 5 किलो FTL सिलेंडर की कीमत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत ₹913 से थोड़ी कम है।
अपने शहर में घरेलू और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतें आज ही जांचें:
| शहर | घरेलू LPG (14.2 Kg) | कमर्शियल LPG (19 Kg) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹913.00 (0.00) | ₹3,071.50 (+993.00) |
| कोलकाता | ₹939.00 (0.00) | ₹3,202.00 (+994.00) |
| मुंबई | ₹912.50 (0.00) | ₹3,024.00 (+993.00) |
| चेन्नई | ₹928.50 (0.00) | ₹3,237.00 (+990.50) |
| गुरुग्राम | ₹921.50 (0.00) | ₹3,088.00 (+993.00) |
| नोएडा | ₹910.50 (0.00) | ₹3,071.50 (+993.00) |
| बेंगलुरु | ₹915.50 (0.00) | ₹3,152.00 (+991.00) |
| भुवनेश्वर | ₹939.00 (0.00) | ₹3,238.00 (+993.50) |
| चंडीगढ़ | ₹922.50 (0.00) | ₹3,092.50 (+993.00) |
| हैदराबाद | ₹965.00 (0.00) | ₹3,315.00 (+994.00) |
| जयपुर | ₹916.50 (0.00) | ₹3,099.00 (+993.00) |
| लखनऊ | ₹950.50 (0.00) | ₹3,194.00 (+993.00) |
| पटना | ₹1,002.50 (0.00) | ₹3,346.50 (+993.50) |
| तिरुवनंतपुरम | ₹922.00 (0.00) | ₹3,106.00 (+993.00) |
पीएम मोदी की अपील, जरूरत के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों का करें इस्तेमाल
पीएम मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए अब समय की जरूरत है कि पेट्रोलियम उत्पादों का सोच-समझकर और सीमित उपयोग किया जाए।
तेलंगाना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आयात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल केवल जरूरत के अनुसार ही होना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और युद्ध के नकारात्मक असर को भी कम किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने सर्वप्रथम LPG वितरण को 100% तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया और अब वह पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति को अधिक किफायती बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
यह माना कि इस तरह की पहल भारत को वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने में मदद कर रही है, प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और दोहराया कि आयातित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग बहुत सोच-समझकर और केवल तभी किया जाना चाहिए जब आवश्यक हो।
वित्तीय और भूराजनीतिक दोनों फायदों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “आज पेट्रोल, गैस, डीजल और इसी तरह के संसाधनों का संयम से उपयोग करना समय की मांग है। हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के नकारात्मक असर को भी कम किया जा सकेगा।”
PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा संकट से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) रोजाना लगभग 1,600 से 1,700 करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेल रही हैं।
समाचार एजेंसी ने बताया कि पिछले 10 हफ्तों में मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद इन कंपनियों को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
बढ़ते वित्तीय दबाव अब इस बात पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं कि ये कंपनियां कितने समय तक बिना नुकसान झेले यह बोझ उठा पाएंगी। जहां दुनिया के कई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए ईंधन की राशनिंग या भारी कीमत बढ़ोतरी का रास्ता अपनाया है, वहीं भारत की तेल कंपनियां-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – पेट्रोल, डीजल और LPG की लगातार सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रखे हुए हैं, वो भी ऐसी कीमतों पर जो उनकी लागत से काफी कम हैं।
PTI सूत्रों के अनुसार, इस रणनीति के चलते कंपनियों की संयुक्त अंडर-रिकवरी (उत्पादन लागत और खुदरा विक्रय मूल्य के बीच का अंतर) रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।
हालांकि, मार्च में घरेलू LPG की कीमतों में प्रति सिलेंडर ₹60 की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन खुदरा दरें बाजार की वास्तविक लागत से काफी कम बनी हुई हैं।
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