Trading Plan : US-ईरान डील की उम्मीदों के बीच निफ्टी 23500 की ओर कर सकता है रुख, बैंक निफ्टी में 56000 का लेवल मुमकिन
Trading Plan : ट्रंप के बयान से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई डील हो सकती है। इस उम्मीद के चलते निफ्टी शायद 23,400-23,500 के लेवल की ओर बढ़ने की कोशिश करे। लेकिन मार्केट में ओवरऑल मंदी के माहौल को देखते हुए इस बढ़त के टिके रहना जरूरी है। बड़ी बढ़त के लिए इंडेक्स को 23,500 के ऊपर जाना और वहां टिके रहना होगा। ऐसा होने तक 23,100-23,000 के सपोर्ट के साथ निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक निफ्टी को ऊपर की तरफ 56,000-56,100 के जोन की ओर जाने के लिए 55,600 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मज़बूत और टिकाऊ ब्रेकआउट देना होगा। तब तक,इसमें एक सीमित दायरे में ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है। इसके लिए 55,000 (50 डे EMA) पर तत्काल सपोर्ट और उसके बाद 54,500 पर अगला बड़ा सपोर्ट दिख रहा है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
सैमको सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी लगातार अपने 10-DEMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह लगातार बने सप्लाई के दबाव और ऊपरी लेवल पर बार-बार रिजेक्शन को दिखाता है। इससे पता चलता है कि खरीदारों में भरोसा कम है। इंडेक्स 23,200 के अहम लेवल के नीचे भी बंद हुआ है,जो बताता है कि मार्केट पर मंदड़ियों का दबदबा बना हुआ है। अब 23,100–23,150 का जोन एक अहम ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ सपोर्ट एरिया बन गया है। अगर यह लेवल लगातार टूटता है तो गिरावट बढ़ सकती है।
‘लोअर हाइज़'(lower highs)का बनना और खरीदारी में कमी के संकेत शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर को और कमजोर कर रहे हैं। RSI 37.86 पर है,जो 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे है। यह मोमेंटम में सुस्ती का संकेत है।
डेरिवेटिव्स डेटा से पता चलता है कि 23,100–23,000 के लेवल पर मज़बूत ‘पुट सपोर्ट’है। जबकि, 23,300–23,500 पर जबरदस्त ‘कॉल पोजिशनिंग’के कारण रिकवरी की कोशिशें सीमित बनी हुई हैं। इंडिया VIX के 15.6 के आसपास स्थिर रहने के कारण,23,350 से नीचे उछल पर बिकवाली(sell on rise) की रणनीति फायदेमंद रहेगी। जबकि 23,100 से नीचे गिरावट आने पर इंडेक्स 22,900–22,800 के लेवल तक जा सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 23,350, 23,500, 23,700
अहम सपोर्ट: 23,050, 22,800, 22,700
स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 16 जून की एक्सपायरी के लिए’बेयर कॉल स्प्रेड’स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे 23,300 पुट का एक लॉट ₹275 में बेच सकते हैं और 23,200 पुट का एक लॉट ₹151 में खरीद सकते हैं। यह सेटअप संभावित मंदी (बेयरिश ट्रेंड) का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।
स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से बने रहें और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹4,924 तय करें।
टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज्यादा से ज्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफे का टारगेट ₹8,076 रखें।साथ ही जब MTM मुनाफा ₹4,900 से ज्यादा हो जाए,तो मुनाफा बुक करने की सोचें।
बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति
धुपेश धमेजा का कहना है कि बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से बेहतर बना हुआ है। यह अपने 20-DEMA के ऊपर बना हुआ है और निफ्टी की तुलना में ज्यादा मजबूती दिखा रहा है। यह इंडेक्स अभी एक संभावित’डबल-बॉटम’पैटर्न की नेकलाइन के पास ट्रेड कर रहा है,जो इसके लिए एक अहम मोड़ है।
54,000–55,000 के जोन के आस-पास लगातार हायर लोज और मज़बूत मांग यह संकेत देते हैं कि निचले स्तरों पर खरीदारी (accumulation)हो रही है और मार्केट की ब्रेथ बेहतर हो रही है। 55.24 पर RSI न्यूट्रल मार्क से ऊपर बना हुआ है,जो मज़बूत होते मोमेंटम को दिखाता है।
डेरिवेटिव्स के नजरिए से देखें तो 55,000 और 54,000 पर’पुट’की बड़ी पोजिशनिंग सपोर्ट को मज़बूत करती है,जबकि 55,500 और 56,000 पर ‘कॉल’का जमावड़ा अभी भी तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 0.97 पर है,जो बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है।
जब तक यह इंडेक्स 55,000 के ऊपर बना रहेगा तब तक ‘बाय-ऑन-डिप्स'(गिरावट पर खरीदारी)की रणनीति फायदेमंद रहेगी। वहीं, 55,300–55,500 के स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से 56,000–56,500 की ओर तेजी का अगला दौर शुरू हो सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 55,300, 55,550, 55,800
अहम सपोर्ट: 55,000, 54,800, 54,500
स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स निफ्टी बैंक जून फ्यूचर्स के 55,450–55,400 जोन के ऊपर जाने पर लॉन्ग पोजीशन ले सकते हैं। साथ ही 55,150 के नीचे एक सख्त स्टॉप-लॉस भी बनाए रखें। ऊपर की ओर,प्रॉफिट-बुकिंग के लिए 55,700–55,800 की रेंज अच्छी दिख रही है।
Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर से मिल रहे बाजार के साइडवेज रहने के संकेत, 23000 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है कमजोरी
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