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बैंंक डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट पर नियम बदलने की तैयारी, RBI ने जारी किया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क
बैंंक डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट पर नियम बदलने की तैयारी, RBI ने जारी किया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क

बैंंक डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट पर नियम बदलने की तैयारी, RBI ने जारी किया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दर तय करने में ज्यादा छूट देने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई ने बैंकों द्वारा जमा (Deposit) पर दी जाने वाली ब्याज दरों से जुड़े नए ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी किए हैं। इन प्रस्तावित नियमों का मकसद बैंकों को बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposits) पर ब्याज दर तय करने में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देना है। साथ ही RBI चाहता है कि सभी बैंक अपनी जमा स्कीम की ब्याज दरों का खुलासा एक समान और पारदर्शी तरीके से करें, ताकि ग्राहकों के लिए अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करना आसान हो सके।

ब्याज दरों के खुलासे को लेकर बदलाव ऐसे समय में की जा रही है जब महाराष्ट्र सरकार की एक सरकारी संस्था द्वारा HDFC बैंक में जमा कराई गई रकम पर अतिरिक्त ब्याज को कथित तौर पर “मार्केटिंग खर्च” के रूप में दिखाने के आरोप लगे थे। हालांकि HDFC बैंक ने इन आरोपों से इनकार किया है।

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RBI के प्रस्तावित नए नियमों के मुताबिक, बैंकों को किसी भी कारोबारी दिन की शुरुआत से पहले अपनी वेबसाइट पर जमा पर मिलने वाली ब्याज दरों की पूरी सूची सार्वजनिक करनी होगी। यानी ग्राहकों को पहले से ही साफ-साफ पता रहेगा कि किस तरह की जमा पर कितना ब्याज मिलेगा।

ड्राफ्ट नियमों में यह भी कहा गया है कि घरेलू रुपये के डिपॉजिट और अनिवासी भारतीयों (NRI) के रुपये वाले डिपॉजिट पर बैंक अलग-अलग ब्याज दरें देने के लिए स्वतंत्र होंगे। इसके लिए बैंक अपनी लिक्विडिटी जरूरतों और RBI के लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) नियमों को ध्यान में रख सकेंगे।

RBI ने इन ड्राफ्ट नियमों पर बैंकों, वित्तीय संस्थानों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। इच्छुक पक्ष 20 जून तक अपनी टिप्पणियां भेज सकते हैं। इसके बाद केंद्रीय बैंक अंतिम दिशानिर्देश जारी करेगा।

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