DA DR Hike : 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले, केंद्र की तर्ज पर राज्य सरकार ने डीए-डीआर हाइक का किया ऐलान
केंद्र सरकार की तर्ज पर असम सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके बाद DA और DR की दर 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगी। इस फैसले का फायदा राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स, फैमिली पेंशन पाने वालों, असाधारण पेंशनर्स और अनुकंपा के आधार पर पेंशन प्राप्त करने वाले परिवारों समेत 8 लाख से ज्यादा लोगों को तुरंत मिलेगा।
असम कैबिनेट ने डिब्रूगढ़ को राज्य के दूसरे राजधानी क्षेत्र (Second State Capital Region) के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सेकेंड स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी-डिब्रूगढ़ (SCRDA-D) का गठन किया जाएगा। यह क्षेत्र डिब्रूगढ़ जिले में प्रस्तावित कैपिटल कॉम्प्लेक्स के चारों ओर 20 किलोमीटर के दायरे तक फैला होगा।
नई विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी इस पूरे क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक विकास योजनाएं तैयार करने, अलग-अलग सेक्टरों के विकास का रोडमैप बनाने, नए औद्योगिक और आर्थिक ग्रोथ कॉरिडोर चिन्हित करने तथा भविष्य में शहर के विस्तार के लिए उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान करने की होगी। सरकार का लक्ष्य डिब्रूगढ़ को राज्य के दूसरे प्रमुख प्रशासनिक और विकास केंद्र के रूप में विकसित करना है।
डिब्रूगढ़ को राज्य के दूसरे राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार संबंधित विभागों के बजट में 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड उपलब्ध कराएगी। इस राशि का इस्तेमाल सड़क, भवन, प्रशासनिक सुविधाओं और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास पर किया जाएगा, ताकि क्षेत्र को एक आधुनिक प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।
इसके अलावा, असम कैबिनेट ने असम माध्यमिक शिक्षा (प्रांतीयकृत विद्यालय) सेवा (संशोधन) नियम, 2026 में बदलाव को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में कार्यरत ग्रेड-IV (चतुर्थ श्रेणी) कर्मचारियों को ग्रेड-III (तृतीय श्रेणी) पदों पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है। नए नियमों के तहत पदोन्नति से जुड़े प्रावधानों को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाया जाएगा।
असम कैबिनेट ने विधायकों को अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए मिलने वाली MLALAD (विधायक क्षेत्र विकास निधि) की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दी गई है।
सरकार ने यह भी तय किया है कि वित्त वर्ष 2027-28 से यह राशि बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये प्रति विधायक कर दी जाएगी। इसके अलावा, MLALAD दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए विधायकों को यह अनुमति दी गई है कि वे अपनी सालाना निधि का 10 फीसदी तक हिस्सा सामुदायिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों से जुड़े उपकरणों के साथ-साथ दिव्यांगजनों के लिए जरूरी सहायक उपकरणों की खरीद और वितरण पर खर्च कर सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों और संस्थाओं को सीधे लाभ मिल सकेगा।

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