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PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी ने गाजा शांति पहल का किया समर्थन, इजरायली संसद में बोले- ‘आतंकवाद शांति के लिए खतरा’

PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी ने गाजा शांति पहल का किया समर्थन, इजरायली संसद में बोले- ‘आतंकवाद शांति के लिए खतरा’

Last Updated on February 26, 2026 8:41, AM by Pawan

PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (25 फरवरी) को इजरायल की संसद ‘नेसेट’ में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग बताया। साथ ही उन्होंने इजरायल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है। पीएम मोदी ने कहा कि इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।

प्रधानमंत्री इजराइल की प्रतिनिधि सभा नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यरुशलम पहुंचे। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजरायल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा, “मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिनकी दुनिया इस हमले में बिखर गई।”

उन्होंने कहा, “हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। हम आपके शोक में आपके साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता।” यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।

इस कार्यक्रम में इजराइयल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता सहित कई सांसदों ने भाग लिया। पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है। उनमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक दृढ़ और अटल नीति है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।”

उन्होंने कहा, “आतंकवाद का उद्देश्य समाजों को अस्थिर करना, विकास को बाधित करना और विश्वास को कमजोर करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सतत और समन्वित वैश्विक कार्रवाई आवश्यक है, क्योंकि चाहे आतंकवाद कहीं हो, यह शांति के लिए हर जगह खतरा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-इज़रायल के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है।

‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी को भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए बुधवार को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी यह पदक पाने वाले पहले भारतीय नेता हैं। यह इजरायली संसद ‘नेसेट’ का सर्वोच्च सम्मान है। नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद उन्हें यह पदक प्रदान किया। यह पदक भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के असाधारण योगदान के वास्ते प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है। बल्कि भारत और इज़रायल की चिरस्थायी मित्रता को दिया गया सम्मान है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं नेसेट पदक प्राप्त करके बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं। यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़राइल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान है। यह उन साझा मूल्यों को दर्शाता है, जो हमारे दोनों राष्ट्रों का मार्गदर्शन करते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी उन विरले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इजरायल और फलस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में ‘ग्रैंड कॉलर आफ द स्टेट ऑफ फलस्तीन’ से सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फलस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है। यह प्रधानमंत्री मोदी की 9 वर्षों में इजरायल की दूसरी यात्रा है।

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