US-Iran War: होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर फायरिंग, 20 जहाजों ने लिया यूटर्न
Last Updated on April 18, 2026 18:34, PM by Pawan
Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव जारी है। ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने संबंधी फैसले को लेकर यू-टर्न ले लिया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने संबंधी फैसले को लेकर तुरंत पलटी मारते हुए शनिवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिए। वहीं शनिवार को इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई, जिससे पूरे शिपिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया।
20 जहाजों ने लिया यू-टर्न
रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे करीब 20 जहाजों को वापस ओमान की ओर मोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि ऐसा उस समय हुआ जब ईरान की सेना ने ऐलान किया कि इस अहम समुद्री रास्ते को ‘बंद’ कर दिया गया है। इसी दौरान खबरें यह भी सामने आई हैं कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर और एक कारोबारी जहाज पर गोलीबारी भी की गई। इससे इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
ईरान ने फिर बंद किया रास्ता
इस घटना से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने कहा था कि होर्मुज को फिर से बंद किया जा रहा है। ईरान ने होर्मुज पर फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू करने का ऐलान किया। इससे साफ होता है कि फिलहाल इस रास्ते से गुजरना अभी भी जहाजों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। शिपिंग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ये घटनाएं उस समय हुईं जब जहाज इस संकरे समुद्री रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे। यह इलाका इस समय क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिससे यहां खतरा लगातार बना हुआ है।
गोलीबारी की इन घटनाओं ने चिंता और बढ़ा दी है। समुद्री सूत्रों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे कई जहाजों ने अपने आसपास गोलीबारी होने की सूचना दी है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इन घटनाओं के पीछे कौन जिम्मेदार है या किसी जहाज को सीधे निशाना बनाया गया था या नहीं। इन खबरों के बाद शिपिंग कंपनियों और बीमा कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। कई कंपनियां अभी इस क्षेत्र में अपने कामकाज को सामान्य करने को लेकर सावधानी बरत रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में इस समय जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है। संकट से पहले यहां से रोज़ 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ती धमकियों, पाबंदियों और अनिश्चित हालात की वजह से यातायात में बड़ी गिरावट आई है। स्थिति यह है कि सैकड़ों तेल टैंकर खाड़ी में ही फंसे हुए हैं। जहाज चलाने वाली कंपनियां अब इस बात को लेकर उलझन में हैं कि वे इस रास्ते से गुजरें या नहीं, क्योंकि यहां जोखिम भी बढ़ गया है और खर्च व देरी भी ज्यादा हो रही है।
