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Anupam Kher: ‘हर कोने में गूंज रही थी उनकी आवाज’, सुरों की मल्लिका आशा भोंसले के घर पहुंचे अनुपम खेर

Anupam Kher: ‘हर कोने में गूंज रही थी उनकी आवाज’, सुरों की मल्लिका आशा भोंसले के घर पहुंचे अनुपम खेर

Last Updated on April 18, 2026 19:03, PM by Pawan

संगीत जगत की अपूरणीय क्षति, महान गायिका आशा भोंसले के निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में उनके देहावसान के बाद से ही मनोरंजन जगत की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रही हैं। इसी क्रम में, दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर हाल ही में आशा जी के मुंबई स्थित आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

सन्नाटे में भी महसूस हुई ‘आशा’ की उपस्थिति

अनुपम खेर ने इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जो काफी भावुक कर देने वाली हैं। उन्होंने बताया कि भले ही आज आशा जी हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके घर का हर कोना आज भी उनकी यादों और उनकी जादुई आवाज से महक रहा है।

अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आज आशा जी के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। घर में एक गहरा सन्नाटा था… ऐसा सन्नाटा जो बहुत कुछ कहता है। फिर भी, उस शांति के बीच मुझे उनकी गुनगुनाहट सुनाई दे रही थी। उनकी आवाज़ हर कोने में, हर याद में बसी हुई महसूस हुई।”

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परिवार को बंधाया ढांढस

अपनी इस मुलाकात के दौरान अनुपम खेर ने आशा भोंसले के बेटे आनंद भोंसले, बहू अनुजा और उनकी पोती जनाई भोंसले से मुलाकात की। उन्होंने परिवार की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि वे आशा जी की विरासत को बहुत ही शालीनता और मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। अभिनेता ने तस्वीरों में आशा जी की एक बड़ी फ्रेम की गई तस्वीर के सामने खड़े होकर उन्हें नमन किया। उनके साथ जनाई भोंसले भी नज़र आईं, जिन्हें आशा जी अपनी सबसे अच्छी सहेली मानती थीं।

सात दशकों का सुरीला सफर

इससे पहले भी अनुपम खेर ने एक वीडियो संदेश के जरिए आशा जी को याद किया था। उन्होंने कहा था कि आशा भोंसले सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि एक पूरा युग थीं। उन्होंने सात दशकों से अधिक समय तक अपनी आवाज से हर पीढ़ी के दिलों पर राज किया। चाहे वह चुलबुले गाने हों, दर्दभरी गजलें हों या फिर रोमांटिक धुनें—आशा जी ने हर सुर को अपना बना लिया था।

“उम्र सिर्फ एक संख्या थी”

अनुपम खेर ने आशा जी के व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और जीवन के प्रति उनका उत्साह प्रेरणादायक था। उन्होंने लिखा, “उनकी आंखों में हमेशा एक चमक और मुस्कान में एक शरारत रहती थी। उन्होंने हमें सिखाया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और जीवन को आखिरी सांस तक उत्साह के साथ जीना चाहिए।”