Market cues : बाजार के रेंजबाउंड रहने की उम्मीद, 24000–24500 का दायरा टूटने पर ही निफ्टी की दिशा होगी साफ
Market cues : निफ्टी में एक और सेशन में बिकवाली जारी रही और 8 मई को इसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई। इंडेक्स 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल (फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक की गिरावट का) और 50-दिन के EMA के ऊपर टिकने में नाकाम रहा,लेकिन फिर भी यह 20-दिन के EMA के ऊपर बना रहा,जो पिछले दो हफ्तों से सपोर्ट का काम कर रहा है। बाजार की नजर US-ईरान डील से जुड़े आगे के अपडेट्स पर लगी हुई है। उम्मीद है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में इंडेक्स 24,000–24,500 की रेंज में ट्रेड करेगा। इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से बाजार को एक ठोस दिशा मिल सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस रेंज के ऊपर 24,600–24,800 का जोन अहम रेजिस्टेंस होगा। जबकि, नीचे की तरफ 23800 पर सपोर्ट मौजूद है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,137, 24,107 और 24,058
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,234, 24,264 और 24,313
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 ने गैप-डाउन ओपनिंग के बाद डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 20-दिन के EMA और 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल (अप्रैल की रैली का)से ऊपर बना रहा,लेकिन 50-दिन के EMA से नीचे गिर गया और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही ट्रेड करता रहा। 52.40 पर रहे RSI ने एक बेयरिश क्रॉसओवर दिखाया और साइडवेज़ बना रहा। वहीं MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइनों के ऊपर बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की हरी बार्स फीकी पड़ गईं। ये सभी कारक कमजोर होते मोमेंटम के साथ सतर्क रुख का संकेत देते हैं,भले ही इंडेक्स अहम नियर टर्म के सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना हुआ है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,671, 55,845 और 56,125
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 55,109, 54,936 और 54,655
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,576, 53,687
स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी 1.3 प्रतिशत से ज्यादा गिरा और औसत से ज्यादा वॉल्यूम के साथ बेंचमार्क Nifty 50 से पीछे रहा। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया,जो कमजोरी का संकेत है। RSI,जो 48.56 पर था,सिग्नल लाइन से नीचे गिर गया। MACD भी रेफरेंस लाइन के नीचे नीचे की ओर मुड़ गया,हिस्टोग्राम में लाल पट्टियां दिख रही हैं। ये सभी फैक्टर बैंकिंग इंडेक्स में बढ़ती मंदी और लगातार कमजोरी का संकेत देते हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX पिछले लगातार चार सेशन में गिरावट के बाद शुक्रवार को 1.32 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 16.84 पर पहुंच गया। वोलैटिलिटी इंडेक्स शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो बुल्स के लिए मददगार है। हालांकि,बुल्स के लिए एक बेहतर कम्फर्ट जोन में आने के लिए इसे और नीचे गिरना होगा और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहना होगा।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 8 मई को गिरकर 0.93 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.08 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Leave a Reply