आखिरकार चौधरी बन ही गया पाकिस्तान… ईरान ने न्यूक्लियर डील को लेकर इस्लामाबाद को दे दिया ये बड़ा अपडेट
Iran US War: ईरान-अमेरिका युद्ध पीस डील को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की दिशा में राहत भरी कूटनीतिक कामयाबी सामने आई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच, ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम के एक हिस्से को किसी तीसरे देश में ट्रांसफर करने की शर्त को स्वीकार कर लिया है।
‘अल अरबिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने इस बड़े फैसले की आधिकारिक जानकारी खुद पाकिस्तान को दी है। इस ऐतिहासिक कदम को दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से जारी भीषण युद्ध को समाप्त करने और परमाणु समझौते की दिशा में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
बिश्केक में हुई पाकिस्तान और ईरान के मंत्रियों की सीक्रेट मीटिंग
यूरेनियम ट्रांसफर करने का यह बड़ा फैसला एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक के बाद सामने आया है। शुक्रवार को पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी ने अपने ईरानी समकक्ष एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की। यह बैठक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आंतरिक मंत्रियों की बैठक के इतर हुई।
पाकिस्तानी आंतरिक मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय स्थिति के साथ-साथ ‘युद्ध को रोकने और आंतरिक सुरक्षा’ से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बना है पाकिस्तान
आपको बता दें कि इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर युद्ध शुरू हो गया था। तब से ही इस्लामाबाद लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलने और शांति समझौता कराने के प्रयास में जुटा हुआ है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस मध्यस्थता प्रक्रिया की कमान संभाले हुए हैं और वे तेहरान के साथ लगातार बैक-चैनल डिप्लोमेसी के जरिए बातचीत की शर्तों को तय कर रहे हैं। ईरान का अपना यूरेनियम तीसरे देश को सौंपने के लिए राजी होना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की कूटनीति रंग ला रही है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी दिए थे संकेत
इस घटनाक्रम से कुछ ही दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी दावा किया था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के उन हिस्सों पर भी बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है, जिन पर उसने एक महीने पहले तक चर्चा करने से भी साफ इनकार कर दिया था।
हालांकि, इस बीच तेहरान ने यह भी घोषणा की थी कि वह शांति वार्ता को रोक रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने की दिशा में बढ़ रहा है। लेकिन अब पाकिस्तान के साथ हुई बैठक के बाद ईरान के रुख में आया यह नरम बदलाव दुनिया के लिए एक बड़ी राहत है।
अब क्या होगा आगे?
ईरान द्वारा यूरेनियम को तीसरे देश में शिफ्ट करने की सहमति के बाद अब गेंद अमेरिका के पाले में है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और वैश्विक एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर रख रहे हैं कि यह यूरेनियम किस देश को ट्रांसफर किया जाएगा। अगर अमेरिका इस प्रस्ताव से संतुष्ट होता है, तो मिडिल ईस्ट में पिछले कई महीनों से जारी तेल संकट और युद्ध के बाद पहली बार स्थायी युद्धविराम का रास्ता साफ हो सकता है।
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