Google layoffs: क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी टीमों में छंटनी, कंपनी ने दिया AI तकनीकों में निवेश बढ़ाने का हवाला
Google layoffs: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने पिछले 2 हफ्तों में अपने क्लाउड डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी की है। इस छंटनी से कंपनी की कुछ सबसे अहम सिक्योरिटी टीमें भी प्रभावित हुई हैं। क्योंकि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की ओर इंडस्ट्री के बढ़ते रुझान के बीच अपने वर्कफोर्स को रीस्ट्रक्चर कर रही है।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 2 हफ्तों के दौरान की गई इस छंटनी का सबसे बड़ा असर कंपनी की सबसे प्रमुख साइबर सिक्योरिटी टीमों पर पड़ा है। दरअसल, इस समय पूरी टेक इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों में निवेश बढ़ाने की होड़ मची हुई है, जिसके चलते गूगल अपनी वर्कफोर्स को नए सिरे से रीस्ट्रक्चर कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस छंटनी की गाज गूगल के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप पर भी गिरी है, जो कंपनी के सबसे अग्रिम सुरक्षा विभागों में से एक है। ये टीम सरकारी संरक्षण प्राप्त हैकर्स और वैश्विक साइबर खतरों पर अपनी बेहतरीन रिसर्च रिपोर्ट जारी करने के लिए जानी जाती है। नौकरी से निकाले जाने के बाद इस यूनिट के कर्मचारियों ने लिंक्डइन पर अपने अनुभव और पोस्ट साझा करना शुरू कर दिया है।
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह कटौती सिर्फ किसी एक टीम तक सीमित नहीं है। गूगल द्वारा साल 2022 में खरीदी गई जानी-मानी साइबर सिक्योरिटी फर्म Mandiant के कर्मचारी भी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं, साथ ही व्यापक गूगल क्लाउड संगठन के अन्य विभागों में भी लोगों की नौकरियां गई हैं।
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छंटनी के पीछे कंपनी ने क्या तर्क दिया?
गूगल द्वारा नौकरी से निकाले गए कुल कर्मचारियों की सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रभावित हुए एक कर्मचारी के अनुसार, कंपनी ने इस फैसले के पीछे तर्क दिया है कि उन्हें अपना निवेश उन क्षेत्रों में डायवर्ट करने की जरूरत है जहां भविष्य में हाई-ग्रोथ यानी तेजी से विकास की संभावनाएं जैसे AI हैं।
इस पूरे मामले पर गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम ग्राहकों और इस पूरी इंडस्ट्री की लगातार बदलती मांगों को पूरा करने के लिए अपनी इंटरनल स्ट्रक्चर्स का नियमित मूल्यांकन करते रहते हैं, ताकि हम खुद को बाजार में सबसे बेहतर स्थिति में रख सकें।”
टेक इंडस्ट्री में क्यों मची है छंटनी की होड़?
गूगल क्लाउड में हुई यह कटौती कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि इस समय पूरी टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर छंटनी का दौर चल रहा है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को निकालने के पीछे एआई एरा की बढ़ती मांगों का हवाला दे रही हैं। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने पिछले महीने अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की भारी कटौती की है।
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कॉइनबेस और ब्लॉक जैसी कंपनियों ने भी इस साल की शुरुआत में एआई निवेश प्राथमिकताओं का हवाला देकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है।सुरक्षा से जुड़ी कंपनियां भी इससे अछूती नहीं हैं। क्लाउडफ्लेयर ने तथाकथित एजेंटिक एआई एरा की तैयारियों के नाम पर पिछले महीने 1100 से अधिक पदों पर छंटनी की है।
देखा जाए तो गूगल ने पिछले साल भी अपने क्लाउड डिवीजन से चुपचाप कुछ कर्मचारियों को निकाला था, लेकिन तब यह कटौती मुख्य रूप से यूजर एक्सपीरियंस (UX) से जुड़ी भूमिकाओं में की गई थी। लेकिन इस बार कंपनी ने सीधे अपनी सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार पर ही ध्यान केंद्रित किया है।

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