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Nestle India का बड़ा फोकस ग्रामीण बाजारों पर, शेयरधारकों को बताया अब कौन सा बिजनेस होगा ग्रोथ इंजन
Nestle India का बड़ा फोकस ग्रामीण बाजारों पर, शेयरधारकों को बताया अब कौन सा बिजनेस होगा ग्रोथ इंजन

Nestle India का बड़ा फोकस ग्रामीण बाजारों पर, शेयरधारकों को बताया अब कौन सा बिजनेस होगा ग्रोथ इंजन

नेस्ले इंडिया ने शेयरधारकों को लिखे अपने पत्र में वित्त वर्ष 2025-26 को मजबूत प्रदर्शन वाला वर्ष बताया है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि कंपनी ने पूरे वर्ष बुनियादी रणनीतियों पर फोकस रखते हुए डबल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की और कई कैटेगरी में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई। वित्त वर्ष 2025-26 में नेस्ले इंडिया की कुल बिक्री 23071.5 करोड़ रुपये रही। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने शेयरधारकों को लिखे अपने पत्र में कंपनी की भविष्य की रणनीति, ग्रामीण विस्तार, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और लॉन्गटर्म डेवलपमेंट पर जोर दिया है।

उन्होंने कहा कि नेस्ले के साथ उनका जुड़ाव बचपन से रहा है और MILKMAID जैसे ब्रांड भारतीय परिवारों के बीच दशकों से भरोसे का प्रतीक बने हुए हैं। उनके मुताबिक समय के साथ प्रोडक्ट के स्वरूप बदल सकते हैं, लेकिन कंज्यूमर का भरोसा सबसे बड़ी पूंजी है।

किस बिजनेस पर फोकस

मनीष तिवारी ने कहा कि कंपनी अब नए ग्रोथ अवसरों पर फोकस कर रही है, जिनमें पेट फूड कारोबार भी शामिल है। उन्होंने बताया कि Purina PetCare के जरिए नेस्ले वैज्ञानिक शोध आधारित डॉग और कैट फूड कैटेगरी में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। उनका मानना है कि भारत में पालतू जानवरों के लिए बेहतर पोषण की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इस कैटेगरी में लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना है।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले नेस्ले इंडिया का कारोबार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन 2019 में शुरू की गई ‘RUrban’ रणनीति के तहत कंपनी ने छोटे शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाई। वर्ष 2025 से कंपनी ने ग्रामीण बाजारों में भी विस्तार तेज किया है।

तिवारी के अनुसार ग्रामीण भारत कंपनी के लिए सबसे बड़े विकास अवसरों में से एक है, हालांकि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की पसंद, कीमत और खरीदारी व्यवहार काफी अलग है। इसी वजह से कंपनी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उत्पाद, पैकिंग और वितरण रणनीति तैयार कर रही है।

कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने कॉस्ट एफिशिएंसी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया और अब तक की सबसे अधिक परिचालन लागत बचत हासिल की। कंपनी ने तकनीक का इस्तेमाल उन खर्चों को कम करने में किया जो उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त मूल्य नहीं जोड़ते थे। इन बचतों का उपयोग ब्रांड निवेश, विज्ञापन, डिजिटल मार्केटिंग, वितरण नेटवर्क और बाजार में पहुंच बढ़ाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि नेस्ले का मुख्य फोकस अपने मौजूदा प्रमुख ब्रांड्स को और मजबूत बनाने पर रहेगा और कंपनी कम काम करेगी, लेकिन बड़े, बेहतर और प्रभावी तरीके से करेगी।

तकनीक और डिजिटल परिवर्तन पर जोर देते हुए तिवारी ने कहा कि कंपनी तकनीक का इस्तेमाल निर्णयों को बेहतर बनाने के लिए करती है, न कि मानव निर्णयों को बदलने के लिए। उन्होंने बताया कि बिक्री, डिस्ट्रिब्यूशन और सप्लाई चेन में डेटा और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है। नेस्ले का NesMitra मोबाइल ऐप ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के खुदरा विक्रेताओं को आसानी से ऑर्डर देने में मदद कर रहा है, जिससे दूर-दराज के गांवों तक कंपनी के उत्पाद पहुंच रहे हैं।

शेयरधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ने 2023 में NSE लिस्टिंग, 2024 में पहला 1:10 स्टॉक स्प्लिट और 2025 में 1:1 बोनस इश्यू जैसे कदम उठाए, जिससे शेयरों की लिक्विडिटी और निवेशकों की भागीदारी बढ़ी।

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